बस्ती में दबंगई का खौफनाक मंजर: जमीन विवाद में घर में घुसकर महिलाओं पर हमला, हाथ की हड्डी टूटी; पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल
घटना के समय घर पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। डरी-सहमी पीड़िता ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित परिवार की मदद करने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई और कहा— "थाने पर दरख्वास्त दीजिए।"
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में दबंगई का नंगा नाच: जमीन विवाद में घर में घुसकर महिलाओं पर हमला, हाथ की हड्डी टूटी; पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
बस्ती: जनपद के मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे घरों में घुसकर महिलाओं को लहूलुहान करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला राजेडीहा और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा है, जहां जमीन के मामूली विवाद में दबंगों ने हदें पार करते हुए घर में घुसकर महिलाओं पर लाठी-डंडों और बेल्ट से कातिलाना हमला कर दिया। इस दुस्साहसिक घटना में एक महिला का हाथ टूट गया, जबकि बीच-बचाव करने आईं सास और ननद को भी गंभीर चोटें आईं।
क्या है पूरा मामला?
प्रार्थिनी के घर के बगल में बलिराम को नेवासा की जमीन मिली हुई थी, जिस पर वह मकान बनाकर रहता है। उसी मकान के ठीक बगल में प्रार्थिनी की भी जमीन और मकान मौजूद है। प्रार्थिनी ने अपनी खाली जमीन पर पेड़-पौधे और सुरक्षा के लिए बेड़ा (बाड़) तथा छप्पर की टाटी लगा रखी थी।
पीड़िता के अनुसार, गत 9 अगस्त 2026 को शाम करीब 5:00 बजे जब वह घर पर अकेली थीं, तभी बलिराम (पुत्र अज्ञात, ग्राम राजेडीहा), हरिकेश (पुत्र अज्ञात, ग्राम मूडाडीहा), शशिकपूर (पुत्र रामसुरेश, निवासी करियापार) और तीन अन्य अज्ञात लोग अचानक उसके घर पर आ धमके और जबरन छप्पर व टाटी गिराने लगे। इस पूरी बर्बरता का वीडियो रिकॉर्डिंग भी प्रार्थिनी के पास मौजूद है।
विरोध करने पर घर में घुसकर पीटा
जब प्रार्थिनी ने इसका विरोध किया, तो सभी आरोपी आमादा फौजदारी हो गए और भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उसे जान से मारने के लिए दौड़ा लिया। डरकर जब प्रार्थिनी चिल्लाते हुए घर के अंदर भागी, तो ये बेखौफ दबंग घर में घुस आए और लाठी-डंडों व बेल्ट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
”चीख-पुकार सुनकर जब बीच-बचाव के लिए प्रार्थिनी की सास सरिता देवी और ननद सुधा आईं, तो दरिंदों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। लाठी-डंडों की पिटाई से प्रार्थिनी के बाएं हाथ का अल्ला (हड्डी) टूट गया, ननद के पहले से ही रॉड पड़े हाथ को बेरहमी से ऐंठ दिया गया, जिससे उन्हें गंभीर पीड़ा हुई और सास की कमर में अंदरूनी गंभीर चोटें आईं।”
शोरगुल सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हुए, तब जाकर बीच-बचाव हुआ और किसी तरह महिलाओं की जान बची। जाते-जाते आरोपी प्रार्थिनी को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
112 डायल करने पर टालमटोल करती नजर आई पुलिस
घटना के समय घर पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। डरी-सहमी पीड़िता ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित परिवार की मदद करने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई और कहा— “थाने पर दरख्वास्त दीजिए।”
बड़े सवाल:
- क्या मुण्डेरवा पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है?
- घर में घुसकर महिलाओं पर हमला करने वाले ये दबंग पुलिस की गिरफ्त से कब दूर रहेंगे?
- वीडियो सबूत होने के बावजूद आरोपियों पर तुरंत सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया?
जिला प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों को इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से आरोपियों की गिरफ्तारी करनी चाहिए, अन्यथा न्याय की आस में बैठी पीड़ित महिलाएं किसी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।










